गरीब लड़का और करोड़पति औरत की शादी
उत्तर प्रदेश के एक छोटे से गव “बरवा खेड़ा” में अर्जुन नाम का एक गरीब लड़का रहता था। उसका घर मिट्टी का बना हुआ था, जिसकी दीवारों में जगह-जगह दरारें पड़ चुकी थीं। बारिश के दिनों में छत से पानी टपकता था और गर्मियों में घर भट्टी जैसा तपता था। अर्जुन की मां सिलाई करके घर चलाती थी और अर्जुन गांव में मजदूरी करता था। कभी खेतों में काम करता… कभी ईंट ढोता… तो कभी बाजार में बोरे उठाने का काम। दिन भर कड़ी मेहनत करने के बाद भी उसके घर में कभी भरपेट खाना नहीं बनता था। लेकिन एक चीज थी जो अर्जुन को गांव के बाकी लड़कों से अलग बनाती थी — उसका दिल। वो बहुत ईमानदार था। गांव में अगर किसी का पैसा गिर जाए तो अर्जुन उसे वापस लौटा देता था। अगर किसी बूढ़े को सड़क पार करनी हो तो सबसे पहले अर्जुन ही मदद करता था। गांव वाले कहते थे— “गरीब जरूर है… लेकिन लड़का सोने जैसा है।” अर्जुन हर सुबह सूरज निकलने से पहले उठ जाता था। मां के पैर छूकर काम पर निकलता और शाम को थका हुआ लौटता। उसकी मां हमेशा कहती— “बेटा… गरीब होना बुरी बात नहीं है। बस इंसानियत कभी मत छोड़ना।” अर्जुन मुस्कुराकर कहता— “मां, हमारे पास पैसे नहीं हैं… लेकि...

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